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पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल विनय शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज, सुक्‍खू सरकार एक्‍शन में

पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता और पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल विनय शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज

झूठी शिकायत, मानहानि और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने के मामले में BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज

विनय शर्मा ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा- ठग के खिलाफ FIR नहीं, शिकायतकर्ता पर ही केस दर्ज कर दिया


हिमाचल प्रदेश के चर्चित चेस्टर हिल हाउसिंग प्रोजेक्ट विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत के आधार पर प्रदेश की पूर्व वीरभद्र सरकार में डिप्टी एडवोकेट जनरल रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता विनय शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला दर्ज होने के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, शिमला के छोटा शिमला थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351, 248 और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर 30 मई 2026 को दर्ज हुई, जो संजय गुप्ता के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने का भी दिन था।

संजय गुप्ता ने शिकायत में क्या आरोप लगाए?

पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि 24 मार्च 2026 को अधिवक्ता विनय शर्मा ने उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप है कि इन शिकायतों का उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत और प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाना था।

शिकायत में कहा गया कि विनय शर्मा ने उनके खिलाफ बेनामी संपत्ति, पद के दुरुपयोग, आय के स्रोत छिपाने, भूमि खरीद में अनियमितता और एफआईआर रुकवाने जैसे आरोप लगाए थे। बाद में इन आरोपों की जांच की गई और उन्हें तथ्यहीन पाया गया।

भूमि खरीद को लेकर क्या है पूरा विवाद?

पूरा मामला सोलन जिले में विकसित हो रहे चेस्टर हिल हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। आरोप लगाए गए थे कि इस परियोजना से जुड़े कुछ वित्तीय लेन-देन में अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही यह भी आरोप था कि पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने परियोजना से जुड़े लोगों के माध्यम से जमीन खरीदी और करोड़ों रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामलों में भूमिका निभाई।

हालांकि संजय गुप्ता ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद उनके वैध और घोषित स्रोतों से की गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि खरीद का सौदा मुख्य सचिव बनने से कई महीने पहले हुआ था और इसकी जानकारी नियमानुसार सरकार को दी गई थी।

विनय शर्मा की शिकायत पर क्यों नहीं हुई FIR?

गौरतलब है कि इसी मामले में विनय शर्मा ने पहले संजय गुप्ता के खिलाफ शिकायत दी थी। लेकिन उस शिकायत पर पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। अब संजय गुप्ता की शिकायत पर विनय शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद सवाल उठने लगे हैं।

इसी को लेकर विनय शर्मा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ठग के खिलाफ कोई FIR नहीं, जिसने रिपोर्ट की उसके खिलाफ FIR.”

मामले के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

विनय शर्मा प्रदेश के चर्चित अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं और कई संवेदनशील मामलों में सरकारों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ते रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।

विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों की नजर अब इस मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है। वहीं सरकार की ओर से फिलहाल इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा?

पुलिस अब मामले की जांच करेगी और शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। चूंकि मामला पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिवक्ता से जुड़ा है, इसलिए इस पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है।